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गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के बाद अमूमन सà¤à¥€ महिलाओं को इसकी चिंता सताती है कि नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी से शिशॠको जनà¥à¤® देना सही है या सिजेरियन। चिंता जायज à¤à¥€ है कि दोनों में किस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शिशॠको जनà¥à¤® देना बेहतर हो सकता है। आज सिजेरियन डिलिवरी का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चलन आ गया है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° डिलिवरी के दौरान मां और शिशॠदोनों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ इनमें से à¤à¤• विधि का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करते हैं। सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी से शिशॠको जनà¥à¤® देना ही बेहतर माना जाता है। किनà¥à¤¤à¥, कई बार डिलिवरी संबंधी जटिलताओं की वजह से डॉकà¥à¤Ÿà¤° सिजेरियन डिलिवरी की सलाह देते हैं। डिलीवरी के दौरान हमें कई बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होता है, जिससे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जरूरी जानकारियां हम इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के माधà¥à¤¯à¤® से लेंगे। लेकिन उससे पहले जान लेते हैं बरà¥à¤¥ की सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œà¥‡à¤¸, यानी डिलीवरी की पूरी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¥¤
हर महिला की पà¥à¤°à¤¸à¤µ की यातà¥à¤°à¤¾ अलग होती है, किसी की बिना किसी समसà¥à¤¯à¤¾ के आसानी से डिलीवरी हो जाती है, तो वहीं किसी को इस पूरी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में तकलीफ़ उठानी पड़ती है। डिलीवरी की 3 सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œà¥‡à¤¸ मानी जाती है, जिसमें डिलीवरी की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® की पूरी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शामिल होती है। वो इस पà¥à¤°à¤•ार मानी जाती है।
नॉरà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर है कि नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी में शिशॠका जनà¥à¤® गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के योनि मारà¥à¤— के माधà¥à¤¯à¤® से ही करवाया जाता है जबकि सिजेरियन (सी-सेकà¥à¤¶à¤¨) डिलिवरी में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के पेट के ऑपरेशन के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में से शिशॠको निकाला जाता है।
नॉरà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर को इस तरह से à¤à¥€ जानें:
1. नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी शिशॠको जनà¥à¤® देने की कठिन और नैचà¥à¤°à¤² पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जिसमें गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को असहनीय तकलीफ से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ता है, लेकिन इसके कई फायदे हैं। डिलिवरी के बाद महिला 24 से 48 घंटे के अंदर घर वापस जाने में सकà¥à¤·à¤® हो जाती है। वहीं सिजेरियन डिलिवरी के बाद महिला को 4 से 5 दिनों तक असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में रà¥à¤•ना पड़ सकता है। यह नॉरà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर है।
2. नॉरà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर ये à¤à¥€ है कि सिजेरियन डिलिवरी में पेट का ऑपरेशन होता है, जिसकी वजह से पेट के जखà¥à¤®à¥‹à¤‚ को à¤à¤°à¤¨à¥‡ में थोड़ा समय लगता है, लेकिन नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी में à¤à¤¸à¤¾ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ नहीं होती।
3. नॉरà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर है कि नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी में शिशॠके जनà¥à¤® के लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ पर इंजेकà¥à¤¶à¤¨ नहीं लगाया जाता। जबकि सिजेरियन डिलिवरी होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में महिला को इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगाठजाते हैं। इसके कई साइड-इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¥€ हो सकते हैं।
4. सिजेरियन डिलिवरी के बाद अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग, जलन, इंफेकà¥à¤¶à¤¨ और कई महीनों तक सà¥à¤Ÿà¥€à¤šà¤¿à¤¸ में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ रहती है। वहीं नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी में महिला इन सिजेरियन डिलिवरी के खतरों से महफूज रहती है। यह à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर है।
5. नारà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर है कि नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी करने के तà¥à¤°à¤‚त बाद महिला शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा सकती है, लेकिन सिजेरियन डिलिवरी के तà¥à¤°à¤‚त बाद शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना बहà¥à¤¤ तकलीफदेह हो सकता है। सिजेरियन के बाद कà¥à¤› दिनों तक महिला के लिठशिशॠको बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करवा पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है।
6. सिजेरियन डिलिवरी की अपेकà¥à¤·à¤¾ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी में शिशॠको मां से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• संपरà¥à¤• पहले मिल जाता है। यह à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर है।
7. योनि मारà¥à¤— से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान, इस बात की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है कि योनीमारà¥à¤— के चारों ओर की मांसपेशियां नवजात शिशॠके फेफड़ों में पाठजाने वाले दà¥à¤°à¤µ को निचोड़ने का काम करेंगे।
शिशॠका जनà¥à¤® होना à¤à¤• नैचà¥à¤°à¤² शारीरिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। महिलाओं के शरीर की संरचना इस तरह बनाई गई है कि वह शिशॠको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ जनà¥à¤® दे सकती हैं। नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° जान को कोई खतरा नहीं होता।
à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में करीब 45,000 महिलाओं की मौत सिजेरियन डिलिवरी के दौरान होती है। सिजेरियन ऑपरेशन के बाद साफ-सफाई की à¤à¥€ खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना पड़ता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा रहता है। इसे सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ कहते हैं। कई शोध से इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ हà¥à¤ˆ है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में डिलिवरी के दौरान होने वालर मौतों में सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ तीसरा सबसे बड़ा कारण है।
अगर नॉरà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर को देखा जाठतो नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है। सिजेरियन के मदद से शिशॠको जनà¥à¤® देने के दौरान अगर सफाई पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाठतो सिजेरियन डिलिवरी à¤à¥€ सेफ पà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥‡à¤¸ है।
नॉरà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर को समà¤à¤¨à¥‡ के बाद अब हम इन दोनों के फायदे à¤à¥€ जान लेते हैं।
सिजेरियन डिलिवरी के फायदे
यà¥à¤¨à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ किंगà¥à¤¡à¤® की यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ ऑफ इडनबरà¥à¤— में à¤à¤®à¤†à¤°à¤¸à¥€ सेंटर फोर रिपà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हेलà¥à¤¥ के सारह सà¥à¤Ÿà¥‰à¤• ने सिजेरियन पर उपलबà¥à¤§ तमाम शोध का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पाया कि सिजेरियन डिलिवरी पेलà¥à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸ और यूरिनरी इनकोनà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤‚ट के खतरे को कम करती है। हालांकि, डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का कहना है कि जरूरत पड़ने पर ही सिजेरियन डिलिवरी की जानी चाहिà¤à¥¤
बà¥à¤°à¥€à¤š पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ और जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® में à¤à¥€ सिजेरियन डिलिवरी का ही सहारा लिया जाता है ताकि नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी के समय होने वाले कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤•ेशन से बचा जा सके।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी के फायदे
सामानà¥à¤¯ डिलिवरी में बचà¥à¤šà¤¾ बरà¥à¤¥ केनाल से होकर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है। इस दौरान अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ उसके अंदर जाते हैं। इन बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤® कहा जाता है। यह बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत और रोग रोधी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत करते हैं। जोकि बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठफायदेमंद होता है।
पà¥à¤²à¥‹à¤¸ मेडिसिन में पà¥à¤°à¤•ाशित 80 अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ की समीकà¥à¤·à¤¾ में यह पाया गया कि सामानà¥à¤¯ डिलिवरी में बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ दमा और मोटापे की समसà¥à¤¯à¤¾ का खतरा नहीं रहता है। वहीं, सिजेरियन में दमे का 21% और मोटापे का 59% खतरा बढ़ जाता है।
रिसरà¥à¤š के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, सिजेरियन डिलिवरी के बाद तकरीबन आठहफà¥à¤¤à¥‡ बाद ही इंटरकोरà¥à¤¸ करना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सिजेरियन डिलिवरी मेजर सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती है और घाव सूखने में वकà¥à¤¤ लगता है। 4 से 6 हफà¥à¤¤à¥‡ का वकà¥à¤¤ घाव सूखने में लग सकता है, लेकिन किसी समय सीमा को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ नहीं किया जा सकता। सिजेरियन डिलिवरी के बाद सेकà¥à¤¸ करने से पहले à¤à¤• बार अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें। सिजेरियन डिलीवरी के बाद ठीक होने के लिठआपको दो से चार दिनों के लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में रहना पड़ सकता है। धीरे-धीरे दरà¥à¤¦ निवारक दवाओं को कम करने और यूरिनरी मूतà¥à¤° कैथेटर (Urinary Catheter) जैसे चिकितà¥à¤¸à¤¾ उपकरणों को हटाया जाता है।
ये तो थे डिलीवरी के पà¥à¤°à¤•ार, लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि डिलीवरी की à¤à¥€ अलग-अलग पà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¶à¤¨ होती है। अब जान लेते हैं लेबर के दौरान अपनाई जा सकनेवाली अलग-अलग पà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¶à¤¨ के बारे में।
डिलीवरी पà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¶à¤¨, जो आपके काम आ सकती हैं!
ये सà¤à¥€ पà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¶à¤¨ आपकी इचà¥à¤›à¤¾ और जरूरत के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अपनाई जा सकती है। जिसकी मदद से आपकी पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आसानी से पूरी हो जाà¤à¥¤
सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤‚ग पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨
सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤‚ग पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ की हेलà¥à¤ª से पेलà¥à¤µà¤¿à¤• आउटलेट का डायमीटर बढ़ाने में हेलà¥à¤ª मिलती है। इसे जीरो सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। पेलà¥à¤µà¤¿à¤• में बचà¥à¤šà¥‡ को लाने के लिठये बेहतरीन पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ साबित हो सकती है। इस पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ की हेलà¥à¤ª से सेकेंड लेबर छोटा हो सकता है। साथ ही ये पेरेनियम को सेफ करने का à¤à¥€ काम करती है। पेरेनियम को सेफ करने से मतलब है कि डिलिवरी के दौरान पेरेनियम में चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
साइड लाइंग पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨
इस पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ की हेलà¥à¤ª तब ली जाती है जब महिला को बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° संबंधी कोई समसà¥à¤¯à¤¾ हो। साथ ही होने वाला बेबी फीटल डिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ दिखा रहा हो। इसे गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤² पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ à¤à¥€ कहते हैं। ये पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ लेबर को कम करने में मदद करती है। इस पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ का का यूज पेरिनियम में दबाव लाने के लिठà¤à¥€ किया जाता है। साइड लाइंग पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ में महिला को à¤à¤• तरफ करवट लेकर लेटना होता है।
लेबर के दौरान वॉक करना à¤à¥€ बेसà¥à¤Ÿ है। à¤à¤¸à¤¾ करने से महिला को आराम महसूस हो सकता है। ये पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ अरà¥à¤²à¥€ लेबर के लिठà¤à¥€ सही है। आप चाहें तो घर के आसपास वॉक कर सकती हैं। à¤à¤¸à¥‡ समय में किसी के साथ वॉक पर जाना बेहतर रहेगा। वॉक के दौरान पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ आसानी से मूव करेगा और बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ में आने में आसानी होगी। लेबर की बाद की सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में संकà¥à¤šà¤¨ के दौरान वॉक करने में दिकà¥à¤•त हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में लेबर के लिठपà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ को चà¥à¤¨à¤¤à¥‡ समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने की जरूरत होती है। आप चाहे तो à¤à¤¸à¥‡ समय में दूसरी पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ à¤à¥€ चà¥à¤¨ सकते हैं।
सेमी सिटिंग पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨
सेमी सिटिंग पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से बेड पर की जाती है। à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ या अनà¥à¤¯ दवाओं को देने के दौरान इस पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ को अपनाना सही रहेगा। इस पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ में लंबे समय तक रहना सही नहीं है। कà¥à¤› समय बाद पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ चेंज करके सीधा लेट जाना बेहतर रहेगा। रिलैकà¥à¤¶à¥‡à¤¸à¤¨ को पà¥à¤°à¤®à¥‹à¤Ÿ करने के लिठऔर लेबर पेन को कम करने के लिठइस पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ को अपनाया जा सकता है।
लीनिंग फॉरवरà¥à¤¡ पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨
लीनिंग फॉरवरà¥à¤¡ पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ की हेलà¥à¤ª से लेबर के दौरान बैक में पड़ने वाले पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में कमी आ जाती है। आप चाहे तो इसके लिठबरà¥à¤¥ बॉल या पिलो का यूज कर सकते हैं। लेबर में ये पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ महिलाओं को रिलैकà¥à¤¸ करती है। संकà¥à¤šà¤¨ के दौरान ये पà¥à¤œà¤¿à¤¶à¤¨ कà¥à¤› पल के लिठराहत देती है।
तो अब आपने जाना कि किस तरह आलग-अलग तरह से बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने की पà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¶à¤¨ अपनाई जा सकती है।चलिठअब जानते हैं कि डिलीवरी के लिठख़à¥à¤¦ को आप कैसे तैयार कर सकती हैं।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठख़à¥à¤¦ को तैयार रखना किसी à¤à¥€ मां के लिठबेहद जरूरी हो जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में जरूरी है कि हम कà¥à¤› खास बातों का ख़याल रखें। जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं –
ख़à¥à¤¦ को मेंटली और फ़िजिकलि तैयार करें
ख़à¥à¤¦ को हायडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखें
तनाव से दूर रहें
लेबर से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सà¤à¥€ जानकारी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर लें
अपने पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° को पà¥à¤°à¤¸à¤µ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठतैयार रखें
शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में हलà¥à¤•े हाथों से मसाज करें
ख़à¥à¤¦ को घबराहट से बचाà¤à¤‚
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह का पूरी तरह से पालन करें
यदि आप इन सà¤à¥€ बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखेंगी, तो ख़à¥à¤¦ को पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठतैयार पाà¤à¤‚गी।
हम उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि नॉरà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर पर आधारित यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल आपको पसंद आया होगा। वैसे नॉरà¥à¤®à¤² और सिजेरियन डिलिवरी में अंतर को डॉकà¥à¤Ÿà¤° बेहतर तरीके से समà¤à¤¾ सकते हैं। अधिक जानकारी के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से कंसलà¥à¤Ÿ करें। हैलो हेलà¥à¤¥ गà¥à¤°à¥à¤ª किसी पà¥à¤°à¤•ार की चिकितà¥à¤¸à¤¾ सलाह, उपचार और निदान पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ नहीं करता।
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